ज्ञान केंद्र · खतरनाक माल सुरक्षा

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ज्ञान केंद्र

खतरनाक माल सुरक्षा

प्लेकार्ड लगे वाहन पर सब कुछ नियंत्रित है — वर्गीकरण, चिह्न, साथ चलने वाले कागज़, और स्वयं चालक। यह खंड वही बातें बताता है जो वाहन चलने से पहले चालक और डिपो अधिकारी दोनों को साफ़ पता होनी चाहिए।

यह किस पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाता है: खतरनाक एवं परिसंकटमय पदार्थों के परिवहन यानों के चालन हेतु प्रशिक्षण

वर्ग-लेबल, जैसे नियम 137 की तालिका I में दिए हैं

चालक माल को उसी हीरे से पहचानता है जो वाहन पर लगा होता है। नाम, संख्या और पृष्ठभूमि का रंग नियम की तालिका के अपने हैं; चिह्न इसलिए बनाया गया है कि टैंक पर दिखे तो आकार जाना-पहचाना लगे।

1
विस्फोटक
2.1
अज्वलनशील गैसें
2.2
ज्वलनशील गैसें
2.3
विषैली गैसें
3
ज्वलनशील द्रव
4.1
ज्वलनशील ठोस
4.2
स्वतः दहनशील पदार्थ
4.3
जल के संपर्क में ज्वलनशील गैस
5.1
ऑक्सीकारक पदार्थ
5.2
कार्बनिक परॉक्साइड
6.1
विषैले पदार्थ
6.2
हानिकारक पदार्थ
6.3
संक्रामक पदार्थ
7
रेडियोधर्मी पदार्थ
8
कोरोसिव पदार्थ

ध्यान दें: तालिका I में वर्ग 2 की संख्या उलटी है — 2.1 अज्वलनशील गैस है और 2.2 ज्वलनशील, जबकि यूएन की सूची में क्रम इसका उल्टा है। तालिका वर्ग 8 पर समाप्त होती है; उसमें वर्ग 9 नहीं है। वाहन पर जो हीरा लगा है, वही लागू है — संदेह हो तो नियम 132(3) वाला लिखित पत्रक (ट्रांसपोर्ट इमरजेंसी कार्ड) देखें।

01खतरनाक माल किसे कहते हैं?

वो माल जो ढुलाई में लोगों, माल या पर्यावरण को नुकसान पहुँचा सके — ज्वलनशील तरल और गैस, ज़हरीले और कोरोसिव पदार्थ, ऑक्सीडाइज़र, विस्फोटक और रेडियोधर्मी चीज़ें। नियम 137 की Table I इन्हें आठ वर्गों में बाँटती है, जिनमें कई के उप-वर्ग भी हैं।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137

02पेट्रोल, डीज़ल या एटीएफ किस वर्ग में आते हैं?

वर्ग 3 — ज्वलनशील द्रव। आग द्रव को नहीं, उसकी वाष्प को लगती है। इसीलिए लगभग खाली टैंक भरे टैंक से ज़्यादा खतरनाक होता है, कम नहीं।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137
  • स्रोत: पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO)

03एलपीजी किस वर्ग में है, और सीएनजी उससे कैसे अलग है?

दोनों वर्ग 2 की गैसें हैं। एलपीजी मध्यम दाब पर द्रवित रूप में ढोई जाती है, सीएनजी बहुत उच्च दाब पर संपीड़ित रूप में। एलपीजी में खतरा द्रव के अचानक गैस बनने का है, सीएनजी में स्वयं संचित दाब का।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137
  • स्रोत: तेल उद्योग सुरक्षा निदेशालय — एलपीजी टैंक ट्रक — डिज़ाइन, निर्माण एवं फ़िटिंग में सुरक्षा
  • स्रोत: पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO)

04ट्रेम कार्ड क्या है और इसे कौन रखेगा?

ट्रांसपोर्ट इमरजेंसी कार्ड — माल के बारे में वह लिखित जानकारी जो नियम 132(3) के तहत स्वामी को चालक को देनी होती है, अनुसूची V के प्रारूप में। इसके बाद नियम 133(1) दायित्व चालक पर डालता है — जब तक माल वाहन पर है, यह केबिन में और हर समय उपलब्ध रहेगा।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 132(3) एवं 133(1)

05वाहन के बाहर क्या प्रदर्शित होना चाहिए?

ढोए जा रहे माल का वर्ग-लेबल और एक आपातकालीन सूचना पट्ट, जिस पर पदार्थ, उसका यूएन नंबर और आपातकालीन संपर्क हो — दोनों ओर और पीछे स्पष्ट दिखें।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 134 एवं 137

06खतरनाक माल के साथ कौन-कौन से कागज़ चलेंगे?

खतरनाक माल के एंडोर्समेंट वाला ड्राइविंग लाइसेंस, RC, फ़िटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, PUC, माल की चालान-पर्ची और TREM कार्ड।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 129 से 137

07यदि माल की घोषणा ग़लत हो तो ज़िम्मेदार कौन है?

माल भेजने वाले का दायित्व है कि वह माल की सही घोषणा करे और चालक को ट्रेम कार्ड दे; वाहन स्वामी का दायित्व है कि वाहन और चालक उस माल के लिए उपयुक्त हों। चालक उसके लिए ज़िम्मेदार है जो उसे दिख सकता है — प्लेकार्ड, कागज़ और वाहन की हालत।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 131, 132 एवं 133

08क्या एक वाहन में दो अलग वर्ग का माल एक साथ जा सकता है?

केवल तभी जब दोनों परस्पर संगत हों। कुछ संयोजन आपस में प्रतिक्रिया करते हैं और एक साथ नहीं ले जाए जा सकते। संदेह हो तो लदान से पहले भेजने वाले से लिखित पुष्टि लें।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137
  • स्रोत: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण — रासायनिक (औद्योगिक) आपदा

09वाहन में कौन-से सुरक्षा उपकरण होने चाहिए?

जो उस पदार्थ के ट्रेम कार्ड में लिखा हो — प्रायः दस्ताने, आँखों की सुरक्षा, आवश्यकता होने पर फ़ेस शील्ड या रेस्पिरेटर, और एक स्पिल किट। इसकी जाँच टर्मिनल के गेट पर होती है, सड़क पर नहीं।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137
  • स्रोत: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण — रासायनिक (औद्योगिक) आपदा

10प्रशिक्षण के अलावा नियम 9 चालक से और क्या माँगता है?

यह कि उसके पास कमर्शियल गाड़ी चलाने का लाइसेंस हो, और वो संविधान की आठवीं अनुसूची की कम से कम एक भाषा और अंग्रेज़ी — दोनों पढ़-लिख सकता हो। अकेला सर्टिफिकेट काफ़ी नहीं है।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 9(1)

11तीन दिन के पाठ्यक्रम में क्या पढ़ाया जाता है?

पहले और दूसरे दिन रक्षात्मक चालन और उन्नत चालन कौशल; तीसरे दिन उत्पाद सुरक्षा — यूएन वर्गीकरण, हैज़केम कोड, ट्रेम कार्ड, विस्फोट सीमा, और आपातकालीन प्रक्रिया जिसमें छलकाव प्रबंधन, सुरक्षा उपकरण, अग्निशमन और प्राथमिक चिकित्सा शामिल हैं। यह पाठ्यक्रम संस्थान का नहीं, नियम का अपना है।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 9, तालिका

12क्या खतरनाक माल का एंडोर्समेंट ही ड्राइविंग लाइसेंस है?

नहीं। लाइसेंस उस क्लास की गाड़ी चलाने की इजाज़त देता है। ट्रेनिंग के बाद लाइसेंस पर लगा एंडोर्समेंट उसे खतरनाक माल के साथ चलाने की इजाज़त देता है। दोनों चाहिए।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 9

13एंडोर्समेंट कैसे मिलता है, और कितने समय तक चलता है?

ड्राइवर सादे कागज़ पर लिखित अर्ज़ी उस लाइसेंसिंग अथॉरिटी को देता है जिसके इलाक़े में वो रहता है, साथ में अपना लाइसेंस और ट्रेनिंग सर्टिफिकेट। अथॉरिटी एंडोर्समेंट कर देती है। नियम कोर्स तय करते हैं, पर एंडोर्समेंट की मियाद खुद तय नहीं करते — रिन्यूअल उसी लाइसेंस के साथ चलता है जिस पर वो लगा है।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 9(2) एवं 9(3)

14ट्रेम कार्ड नियमों में कहाँ से आता है?

नियम 132(3) वाहन स्वामी से अपेक्षा करता है कि वह चालक को माल की संबंधित जानकारी लिखित रूप में उस प्रारूप में दे जो अनुसूची V में है, और स्वयं संतुष्ट हो कि चालक उसे समझता है। अनुसूची V का शीर्षक ही ट्रांसपोर्ट इमरजेंसी कार्ड (रोड) है — उद्योग उसी नाम को छोटा करके ट्रेम कार्ड कहता है।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 132(3) एवं अनुसूची V

15अनुसूची V के कार्ड में क्या-क्या होना चाहिए?

छह शीर्षक: माल, जिसमें पदार्थ की रासायनिक पहचान लिखी जाए; संकट की प्रकृति; सुरक्षा उपकरण; आपातकालीन कार्रवाई, जो पुलिस और अग्निशमन दल को तुरंत सूचित करने से शुरू होती है; फिर छलकाव, आग और प्राथमिक चिकित्सा; और अंत में निर्माता या भेजने वाले की दी हुई अतिरिक्त जानकारी।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — अनुसूची V

16नियम में असल में कितने वर्ग गिनाए गए हैं?

आठ, जो पंद्रह एंट्री में बँटे हैं। नियम 137 की टेबल I क्लास 1 विस्फोटक से क्लास 8 कोरोसिव तक चलती है। उसमें क्लास 9 नहीं है — UN और ADR की सूचियों वाला मिला-जुला क्लास इस टेबल में नहीं आता।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137, तालिका I

17वर्ग 2.1 ज्वलनशील गैस है या अज्वलनशील?

इन नियमों में 2.1 अज्वलनशील गैस है, हरी पृष्ठभूमि पर; 2.2 ज्वलनशील गैस है, लाल पर; 2.3 विषैली गैस है, सफ़ेद पर। यह यूएन के क्रम से उल्टा है, जहाँ 2.1 ज्वलनशील होती है। हीरे पर लिखे शब्द पढ़िए, याद की हुई संख्या नहीं।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137, तालिका I

18किस वर्ग का लेबल किस रंग का होता है?

विस्फोटक — नारंगी; न जलने वाली गैस — हरा; ज्वलनशील गैस, ज्वलनशील तरल और ज्वलनशील ठोस — लाल; ज़हरीली गैस और ज़हरीले, हानिकारक व संक्रामक पदार्थ — सफ़ेद; पानी के संपर्क में ज्वलनशील गैस देने वाले पदार्थ — नीला; ऑक्सीडाइज़र और ऑर्गैनिक परॉक्साइड — पीला; कोरोसिव — ऊपर सफ़ेद, नीचे काला। निशान काला होता है, या जहाँ टेबल छूट देती है वहाँ काला या सफ़ेद।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137, तालिका I

19हानिकारक पदार्थ वाले लेबल पर क्या लिखा होता है?

क्लास 6.2 पर गेहूँ की बाली के ऊपर सेंट एंड्रयू का क्रॉस बना होता है, और लेबल के निचले आधे हिस्से पर लिखा रहता है — हानिकारक: खाने-पीने की चीज़ों से अलग रखें। क्लास 6.3, संक्रामक पदार्थ, पर गोले पर तीन अर्धचंद्र बने होते हैं, और उस पर यह लाइन भी हो सकती है कि नुकसान या रिसाव दिखे तो पब्लिक हेल्थ अथॉरिटी को बताएँ।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137, तालिका I

20नियम कैसे तय करता है कि कोई द्रव ज्वलनशील है?

फ़्लैश पॉइंट से, चार श्रेणियों में। अत्यधिक ज्वलनशील — फ़्लैश पॉइंट 23°C या उससे कम और क्वथनांक 35°C से कम; अति उच्च ज्वलनशील — 23°C या कम, पर प्रारंभिक क्वथनांक 35°C से अधिक; उच्च ज्वलनशील — 23°C से अधिक पर 60°C या कम; ज्वलनशील — 60°C से अधिक पर 90°C से कम।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137, तालिका II

21क्या ऐसी कोई सूची है कि कौन-सा माल खतरनाक गिना जाएगा?

हाँ। नियम 137 की टेबल III खतरनाक माल को नाम से गिनाती है, और हर नाम के आगे उसका ख़तरा लिखा है — E विस्फोटक, F ज्वलनशील, O ऑक्सीडाइज़र, R प्रतिक्रियाशील, C कोरोसिव, Ra रेडियोधर्मी, T ज़हरीला, G गैस। एक चीज़ पर एक से ज़्यादा भी हो सकते हैं। जिस चीज़ का नाम सूची में न हो, उसके लिए टेबल II पैमाने देती है।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137, तालिका II एवं III

22वाहन किस रास्ते जाएगा, यह कौन तय करता है?

माल वाहन का स्वामी और माल भेजने वाला मिलकर हर यात्रा का मार्ग तय करते हैं और उसकी समय-सारणी बनाते हैं। चालक उसी मार्ग से जाने को बाध्य है, जब तक पुलिस कोई और निर्देश या अनुमति न दे।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 132(4)

23आपातकालीन सूचना पट्ट पर क्या-क्या होना चाहिए?

वाहन पर तीन स्थानों पर, दोनों ओर और पीछे की ओर मुँह करके: सही तकनीकी नाम कम से कम 50 मिमी ऊँचे अक्षरों में, यूएन वर्ग संख्या कम से कम 100 मिमी, वर्ग-लेबल कम से कम 250 मिमी वर्ग, और आपातकालीन दूरभाष संख्या कम से कम 50 मिमी। इसे साफ़ और बिना रुकावट रखना अनिवार्य है।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 134

24नियम वाहन पर कौन-से उपकरण अनिवार्य करता है?

आग, विस्फोट या माल के रिसाव को रोकने के उपकरण; स्पार्क अरेस्टर; भारतीय मानक ब्यूरो के विनिर्देश के अनुरूप टैकोग्राफ़; और माल के अनुसार आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा सामग्री, सुरक्षा उपकरण, औज़ार पेटी तथा प्रतिविष।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 129(1)(iv), 129(2), 129क, 131(ख) एवं 132(1)(ख)

25खतरनाक माल के साथ दुर्घटना होने पर चालक को क्या करना चाहिए?

तुरंत निकटतम थाने में सूचना दे, और माल वाहन के स्वामी या ट्रांसपोर्टर को भी बताए। यह नियमों के अंतर्गत अलग से बना दायित्व है, शिष्टाचार नहीं।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 136

26आपात स्थिति में क्या करना है, क्या वह वर्ग के हिसाब से बदलता है?

पहले कुछ मिनट हर माल में एक जैसे हैं — भीड़ और यातायात से हटकर रोकिए, इंजन बंद, आग का हर स्रोत दूर, हवा की उल्टी दिशा में खड़े होइए, कार्ड पढ़िए और आपातकालीन पट्ट पर लिखे नंबरों पर फ़ोन कीजिए। वर्ग के साथ जो बदलता है वह यह है कि क्या नहीं करना — और चोट वहीं लगती है। असल पदार्थ का कार्ड हर आम सलाह से ऊपर है, नीचे लिखी हर बात से भी।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 132(3), 133(1) एवं 134

27वर्ग 2 — गैस के रिसाव में क्या अलग है?

एलपीजी की वाष्प हवा से भारी होती है। वह ऊपर उठकर उड़ नहीं जाती — नीचे की ओर बहती है और नाली, गड्ढे और तहख़ाने में जमा हो जाती है, जहाँ गाड़ी से बहुत दूर भी आग पकड़ सकती है। इसलिए ख़ाली कराने की जगह सिर्फ़ टैंकर के आसपास नहीं, हवा की दिशा में नीचे का इलाक़ा है। वर्ग 2.3 अलग मामला है — वहाँ ख़तरा साँस में जाने का है, और हवा की उल्टी दिशा में दूरी ही चालक का एकमात्र बचाव है।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137, Table I
  • स्रोत: तेल उद्योग सुरक्षा निदेशालय — एलपीजी टैंक ट्रक दुर्घटनाएँ — बचाव एवं राहत कार्य
  • स्रोत: पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO)

28वर्ग 3 — ईंधन गिर जाए तो क्या करें?

आग गिरे हुए तेल को नहीं, उसके ऊपर बनी वाष्प को लगती है — इसलिए ख़तरा फैलाव के साथ बढ़ता है और हवा के साथ चलता है। फैलाव रोकिए, पर तभी जब सुरक्षित जगह से हो सके — मिट्टी की मेड़, नाली पर ढक्कन। आग का हर स्रोत दूर रखिए, जिसमें मोबाइल फ़ोन और गाड़ी का अपना सेल्फ़ भी है। नाली में कभी मत बहाइए: वह ख़त्म नहीं होता, बस कहीं और जाकर इंतज़ार करता है।

  • स्रोत: तेल उद्योग सुरक्षा निदेशालय — ओआईएसडी 165, पीओएल टैंक ट्रक दुर्घटनाओं में बचाव एवं राहत
  • स्रोत: पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO)

29वर्ग 4 — यहाँ पानी ग़लत चीज़ क्यों है?

क्योंकि वर्ग की परिभाषा ही यही है। Table I में 4.3 वे पदार्थ हैं जो पानी के संपर्क में आकर ज्वलनशील गैस छोड़ते हैं — उन पर पानी आग बुझाता नहीं, आग लगाता है। उपवर्ग 4.2 वे पदार्थ हैं जो अपने आप जल उठते हैं, बिना किसी चिंगारी के। अगर डायमंड पर 4 लिखा है तो एक्सटिंग्विशर चुनना चालक का काम नहीं — वह कार्ड पर लिखा है।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137, Table I

30वर्ग 5.1 — ऑक्सीडाइज़र की आग अलग क्यों होती है?

ऑक्सीकारक पदार्थ आग के लिए ज़रूरी ऑक्सीजन ख़ुद लेकर चलता है। उसे ढककर दबाना वैसे काम नहीं करता जैसे तेल की आग पर करता है, और जहाँ आम आग बुझ जाती वहाँ यह जलती रहती है। ठंडा करना और दूरी ही उपाय है — और दूरी उतनी नहीं, उससे ज़्यादा रखिए जितनी मन कहे।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137, Table I

31वर्ग 6 — जो ज़हर दिखता ही नहीं, उसका अंदाज़ा कैसे लगे?

अंदाज़ा लगाना ही नहीं है — दूर रहना है। ख़तरा हवा के साथ चलता है, और कुछ ज़हरीले पदार्थ कोई चेतावनी नहीं देते। गंध का कम होना अक्सर यह बताता है कि नाक ने पहचानना बंद कर दिया, न कि हवा साफ़ हो गई। हवा की उल्टी दिशा में और ऊँचाई पर जाइए, लोग गिनिए, और कागज़ लेने कोई वापस न जाए।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137, Table I एवं II

32वर्ग 8 — तेज़ाब या क्षार गिर जाए तो उसे निष्प्रभावी करें?

सड़क पर नहीं। नियम कोरोसिव उन्हें कहता है जो जीवित ऊतक के संपर्क में आते ही गहरा नुक़सान करते हैं — और उन्हें निष्प्रभावी करने की प्रतिक्रिया ख़ुद गर्मी पैदा करती है और तरल को और दूर तक उछाल सकती है। त्वचा पर बहता पानी डालिए और डालते रहिए — ज़रूरत से ज़्यादा देर तक। वाष्प गाड़ी को और हवा की दिशा में जो कुछ है, उसे भी काटती है।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137, Table I एवं II

33वर्ग 7 — रेडियोधर्मी माल के साथ चालक से क्या अपेक्षित है?

सबको दूर रखिए और इंतज़ार कीजिए। दूरी, समय और आड़ — इसी क्रम में; इससे आगे कुछ चालक का काम नहीं। कार्रवाई उन्हीं की है जिनके नाम आपातकालीन पट्ट पर लिखे हैं। रेडियोधर्मी क्या है, यह भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग के तय स्तरों से तय होता है — सड़क पर दिखने वाली किसी चीज़ से नहीं।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 137, Table II
  • स्रोत: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण — रासायनिक (औद्योगिक) आपदा

34अगर गाड़ी का प्लेकार्ड और केबिन का कार्ड अलग-अलग कहें तो?

दोनों में से अंदाज़ा मत लगाइए। माल को दोनों में जो ज़्यादा ख़तरनाक है वही मानिए, सबको पीछे रखिए, और आपातकालीन पट्ट पर लिखे नंबर से भेजने वाले से बात कीजिए। नियम 132(3) की लिखित जानकारी के लिए भेजने वाला ज़िम्मेदार है, और नियम 131(3) उसी पर दायित्व डालता है कि वह सही और पर्याप्त हो।

  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 131(3) एवं 132(3)

35अगर एंडोर्समेंट के बिना गाड़ी पकड़ी जाए तो क्या होगा?

यह उस काम के लिए ज़रूरी लाइसेंस के बिना गाड़ी चलाना है। जुर्माना ड्राइवर और मालिक दोनों पर आता है, और जिस टर्मिनल ने गाड़ी भरी, उसकी भी ज़िम्मेदारी बनती है।

  • स्रोत: मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019
  • स्रोत: केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 — नियम 9

यह पन्ना समझाने के लिए है। जहाँ पैसा, लाइसेंस या किसी की जान इस पर टिकी हो, वहाँ असली नियम पढ़िए — हर जवाब बताता है कि कौन-सा। अस्वीकरण एवं स्रोत.

यहाँ जवाब नहीं मिला?

सवाल भेज दीजिए। नियम क्या कहते हैं, यह हम बताते हैं — चाहे आप हमसे प्रशिक्षण लें या न लें। और अगर जवाब औरों के काम का हुआ तो वह इसी पन्ने पर आ जाएगा।